छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार काउंटर पर जाकर कोशिश की, लेकिन एजेंट्स ने पहले ही अधिकांश टिकट खरीद लिए थे और उन्हें कालाबाजारी में बेचने की योजना थी। इस स्थिति ने टिकट वितरण प्रणाली पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह साफ तौर पर दिखाता है कि आम लोग, खासकर छात्र, उचित तरीके से टिकट प्राप्त करने में असमर्थ हैं।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई प्रतिक्रियाएँ आईं, और लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इस विवाद ने IPL के टिकट वितरण की पारदर्शिता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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