बैठक में आए कार्यकर्ताओं से डोटासरा ने साफ-साफ कह दिया कि अब सिर्फ रस्म निभाने से पार्टी नहीं चलेगी। "पार्टी में रहना है तो पसीना बहाना होगा," उन्होंने कहा। उनका यह संदेश सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि आने वाले समय की तैयारी का हिस्सा भी था।
डोटासरा ने इशारों-इशारों में सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से निकाय चुनावों को टाला गया, उसी तरह अगर सरकार को मौका मिला तो विधानसभा चुनावों को भी आगे बढ़ा सकती है। "इसलिए अब वक्त बर्बाद करने का नहीं, बल्कि पूरी ताकत से जुट जाने का है," उन्होंने कहा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि सिर्फ दफ्तरों और बैठकों में नहीं, बल्कि गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुंचकर लोगों के मुद्दे सुनो, उनके साथ खड़े रहो। यही असली राजनीति है, और यही कांग्रेस की असली पहचान।
डोटासरा के इस अंदाज़ ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भी भरी और जिम्मेदारी का अहसास भी दिलाया।
Author: JAN TV Editorial Team
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