कमेटी ने मांग की है कि सिविल कोर्ट में दरगाह से जुड़ी जो सुनवाई चल रही है, उसे रोका जाए। उनका कहना है कि यह मामला न सिर्फ धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है, बल्कि कमेटी के अधिकारों पर भी असर डाल सकता है।
लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर आपत्ति जताई है। केंद्र का कहना है कि अंजुमन कमेटी सिर्फ एक प्रबंधन संस्था है और उसे इस तरह की याचिका दाखिल करने का कानूनी हक नहीं है।
इस विवाद में दरगाह की संपत्ति, अधिकार और देखरेख से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट अब यह तय करेगा कि कमेटी इस मामले में पक्षकार बन सकती है या नहीं।
फिलहाल सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अजमेर दरगाह, जहां हर धर्म के लोग श्रद्धा से आते हैं, वहां से जुड़ा यह मामला लोगों की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।