भारतीय नौसेना को उसकी पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में एक नया इतिहास रचने वाली अधिकारी मिल चुकी हैं — मेरठ, उत्तर प्रदेश की रहने वाली सब-लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया। यह उपलब्धि न सिर्फ नौसेना के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह महिलाओं के लिए कॉम्बैट रोल्स के नए रास्ते भी खोलती है। अब तक महिलाएं नौसेना में हेलीकॉप्टर और समुद्री निगरानी विमानों तक ही सीमित थीं, लेकिन आस्था पूनिया अब MiG-29K जैसे सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों को उड़ाने के लिए तैयार हो रही हैं।
बचपन से ही सैन्य सेवा का सपना देखने वाली आस्था पूनिया ने कठिन प्रशिक्षण और लगन से इसे सच कर दिखाया। अब वह INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट करियर से लड़ाकू विमानों की उड़ान भरेंगी — यह बदलाव भारतीय नौसेना में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आस्था की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है कि जब संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी सपना दूर नहीं। उन्होंने यह साबित किया है कि अब भारत की बेटियां भी हर मोर्चे पर तैयार हैं, चाहे वह जमीन हो, पानी हो या आसमान।आस्था ने INS डेगा (विशाखापत्तनम) में Hawk Advanced Jet Trainer की ट्रेनिंग पूरी की और 3 जुलाई 2025 को आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें ‘Wings of Gold’ से सम्मानित किया गया, जो नौसेना के फाइटर पायलट बनने की पात्रता का प्रतीक है। यह सम्मान रियर एडमिरल जनक बेवली द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल को भी समान सम्मान मिला।
Author: JAN TV Editorial Team
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