बिहार की सरिता राय बनी शिक्षा और सेवा की मिसाल।
(India) बिहार के हाजीपुर वैशाली की सरिता राय एक ऐसी समाजसेविका और शिक्षाविद हैं जिन्होंने हजारों वंचित बच्चों की ज़िंदगी में शिक्षा की रोशनी पहुंचाई है। एलएलबी और अंग्रेज़ी में परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत के बजाय समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने एक एनजीओ की सह-स्थापना की, जो बाल मजदूरी, मानव तस्करी और बाल अपराध से प्रभावित बच्चों को बचाकर उन्हें पुनर्वास और शिक्षा का अवसर देता है। सरिता अब तक 2000 से अधिक बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिला चुकी हैं, जिनमें कई बच्चे पहले मजदूरी करते थे। वह न सिर्फ बच्चों को पढ़ाती हैं बल्कि उनके माता-पिता को भी जागरूक करती हैं कि वे बच्चों को स्कूल भेजें। उनकी टीम झुग्गियों और मजदूर बस्तियों में जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ती है। सरिता खुद घर-घर जाकर बच्चों को जुटाती हैं, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं, स्कूल बैग, किताबें और यूनिफॉर्म तक उपलब्ध कराती हैं। उनकी क्लास अक्सर खुले मैदानों या झुग्गियों के किनारे लगती है, जहां वे बिना किसी भेदभाव के हर बच्चे को समान शिक्षा देने का प्रयास करती हैं। उनके इस सामाजिक समर्पण ने उन्हें बिहार की बेटियों और समाज के लिए प्रेरणा बना दिया है। करीब एक दशक से इस कार्य में लगी सरिता को बिहार रत्न सम्मान और राष्ट्रीय समाज गौरव सम्मान 2018 समेत कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

Author: JAN TV Editorial Team

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