(India)
World Population Day 2025 के अवसर पर यह जरूरी हो जाता है कि हम उस महिला को याद करें, जिसने भारत में परिवार नियोजन आंदोलन की नींव रखी — डॉक्टर धनवंतरी रामा राऊ। 1893 में एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में जन्मी धनवंतरी ने शिक्षा के ज़रिये न केवल अपना जीवन संवारा, बल्कि समाज की सोच बदलने का काम भी किया। भारत की पहली महिला प्रोफेसर बनने के बाद उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाया और 1949 में फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की स्थापना की। इस संगठन ने लाखों लोगों में जागरूकता फैलाई, और 5 लाख से ज्यादा पुरुषों को नसबंदी जैसी पहल के लिए प्रेरित किया, जो उस दौर में अभूतपूर्व माना गया। जब भारत ने 1952 में दुनिया का पहला सरकारी फैमिली प्लानिंग प्रोग्राम शुरू किया, तब तक उनकी मेहनत समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी थी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनकी भूमिका अहम रही और वह इंटरनेशनल प्लांड पैरेंटहुड फेडरेशन की सह-संस्थापक बनीं। 1959 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। महिला शिक्षा, बाल विवाह और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में उनके प्रयास आज भी प्रेरणादायक हैं। 1987 में उनके निधन के बाद भी उनकी सोच उन तमाम महिलाओं में ज़िंदा है, जो आज अपने जीवन के फैसले खुद लेने की ताकत रखती हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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