डॉ. माधुरी कानिटकर: फौज, सेवा और सम्मान की मिसाल
(India) लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. माधुरी कानिटकर भारतीय सेना की उन चुनिंदा महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने इतिहास रचते हुए फौज की ऊंची रैंक तक पहुंच बनाई। वे सेना की तीसरी महिला अधिकारी हैं जिन्हें लेफ्टिनेंट जनरल जैसी प्रतिष्ठित थ्री-स्टार रैंक प्राप्त हुई। इससे पहले डॉ. पुनीता अरोड़ा और पद्मावती बंदोपाध्याय इस रैंक तक पहुंच चुकी हैं। महाराष्ट्र में जन्मी डॉ. कानिटकर ने आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से एमबीबीएस किया और शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बच्चों की किडनी संबंधी बीमारियों (पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी) में विशेषज्ञता हासिल की। सेना में उनके योगदान का दायरा केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने मेडिकल शिक्षा और सैन्य प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाई। AFMC की पहली महिला डीन बनने का गौरव भी उन्हें प्राप्त हुआ। साल 2020 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन पाकर उन्होंने न केवल एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि महिलाएं वर्दी में भी नेतृत्व के हर स्तर पर सक्षम हैं। उनके पति भी लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं, और दोनों मिलकर भारतीय सेना का पहला ऐसा दंपती बने जिन्हें एक जैसी रैंक मिली। सेवा, समर्पण और साहस की प्रतीक डॉ. माधुरी कानिटकर आज युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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