इस ऐतिहासिक उपलब्धि की शुरुआत 22 जुलाई 2025 की सुबह 4:20 बजे हुई, जब उन्होंने बिना किसी लंबी रुकावट के राइडिंग की शुरुआत की। 24 जुलाई को सुबह 9:20 बजे, यानी 50 घंटे बाद उन्होंने यह चुनौती पूरी की। नियमों के अनुसार, हर दो घंटे पर घोड़ा बदला गया ताकि मान्या की सुरक्षा और पशु कल्याण सुनिश्चित रह सके।
इस दौरान थकान, नींद और शारीरिक तनाव ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन उनके हौसले और आत्मबल ने हर कठिनाई को पीछे छोड़ दिया।
मान्या को यह जज़्बा विरासत में मिला है। उनके माता-पिता दोनों पेशे से पायलट हैं और उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे पहले भी मान्या ने 80 किलोमीटर लंबी घुड़दौड़ में जीत दर्ज की थी, जिससे उनके अंदर के विजेता की झलक पहले ही सामने आ चुकी थी।
अब मान्या का सपना है कि वह इस रिकॉर्ड को और बड़ा बनाए और युवाओं, महिलाओं और नवाचार से जुड़ी संस्थाओं के साथ मिलकर जागरूकता और प्रेरणा का संदेश फैलाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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