राशिद का आरोप है कि अंतरिम प्रशासन और प्रभावशाली राजनीतिक गुट चुनावी नतीजों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक मुख्य मुकाबला दो बड़े ध्रुवों के बीच सिमटता दिख रहा है, जबकि वास्तविक लोकतांत्रिक ताकतों को सीमित अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं हुई तो इसका असर देश की अंतरराष्ट्रीय छवि और आंतरिक स्थिरता पर पड़ सकता है।
पूर्व राजदूत ने यह भी कहा कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष पहचान और आर्थिक प्रगति को गहरा झटका दिया है। उनके अनुसार, आने वाला चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं बल्कि देश की दिशा तय करने वाला मोड़ साबित हो सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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