रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों में Kheibar‑Shekan missile जैसे सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिनमें अंतिम चरण तक मार्गदर्शन क्षमता होने का दावा किया जाता है। ईरान का कहना है कि इन मिसाइलों से उत्तरी इस्राइल के शहर Haifa के आसपास स्थित सैन्य ढांचों को निशाना बनाया गया। साथ ही कुछ ड्रोन हमलों का लक्ष्य उन क्षेत्रों को बताया गया जहां अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी बताई जाती है।
ईरानी सैन्य बयान में यह भी कहा गया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी नौसैनिक ढांचों पर भी हमले की कोशिश की गई। वहीं इस्राइल के कई इलाकों में सायरन बजने और सुरक्षा अलर्ट बढ़ाए जाने की खबरें सामने आई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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