जानकारों का मानना है कि ईरान अपनी कूटनीतिक रणनीति के तहत पड़ोसियों के साथ 'सुरक्षा कवच' तैयार कर रहा है ताकि आगामी शांति वार्ता में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर सके। हालांकि, इस सकारात्मक पहल के बीच चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। एक ओर जहां सऊदी और ईरान के बीच बर्फ पिघलती दिख रही है, वहीं दूसरी ओर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके सैन्य अभियान जारी रहेंगे। अब पूरी दुनिया की निगाहें पाकिस्तान में होने वाली वार्ता पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्या खाड़ी में वास्तव में बारूद की गंध कम होगी या तनाव का यह दौर नया मोड़ लेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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