पार्क प्रशासन ने जानवरों के लिए कूलिंग सिस्टम तैयार किया है, जिसमें बड़े कूलर, पानी के स्प्रिंकलर, रेन गन और हरे शेड लगाए गए हैं ताकि बढ़ते तापमान में उन्हें राहत मिल सके। टाइगर, शेर, तेंदुए और भालुओं जैसे जानवरों को रोजाना नहलाया जा रहा है, वहीं उनके बाड़ों में पानी के कुंड बनाए गए हैं ताकि वे खुद को ठंडा रख सकें।
हिप्पोपोटेमस जैसे जानवरों के लिए खास तौर पर तालाब बनाए गए हैं, जहां वे लंबे समय तक पानी में रहकर गर्मी से बचाव कर रहे हैं। वहीं हिरणों के लिए कीचड़ वाले क्षेत्र तैयार किए गए हैं, जहां वे खेलते हुए शरीर को ठंडा रख सकें।
जानवरों के खानपान में भी बदलाव किया गया है। भालुओं को ठंडा दूध, आइसक्रीम, शहद और फल दिए जा रहे हैं। शाकाहारी जानवरों के आहार में खीरा और ककड़ी शामिल की गई है, जबकि हिप्पो को तरबूज दिया जा रहा है। इसके साथ ही सभी जानवरों को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटी-स्ट्रेस दवाएं भी दी जा रही हैं।
पार्क के वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य जानवरों को स्वस्थ और सुरक्षित रखना है।
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में किए गए ये इंतजाम दिखाते हैं कि भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों की देखभाल के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Author: JAN TV Editorial Team
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