गर्मी से बचाव के लिए स्कूलों के समय में बदलाव की मांग भी उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 10 बजे के बाद से ही तेज गर्मी शुरू हो जाती है और शाम तक राहत नहीं मिलती।
प्रशासन ने अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए हैं और एंबुलेंस सेवाओं को ऐसे मामलों में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एस. शेखावत ने बताया कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है ताकि तुरंत इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और ओआरएस, छाछ, आम पन्ना जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
इस बीच, मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। अनुमान के मुताबिक 1 मई से जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
Author: JAN TV Editorial Team
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