ग्रामीणों का कहना है कि पहले इंदिरा गांधी नहर परियोजना से नियमित जल आपूर्ति होती थी, लेकिन अब नहर से जुड़े एक वाल्व में खराबी के कारण पानी की सप्लाई लगभग ठप हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हालात इतने खराब हैं कि उन्हें पानी के लिए 600 से 1500 रुपये तक खर्च कर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जो गरीब परिवारों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। हर साल गर्मियों में पानी की समस्या होती है, लेकिन इस बार स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है।
वहीं टैंकर चालकों का कहना है कि उन्हें रोजाना दर्जनों कॉल आ रहे हैं, जिससे साफ है कि इलाके में पानी की भारी कमी है और लोग पूरी तरह बाहरी स्रोतों पर निर्भर हो चुके हैं।
अधिकारियों ने भी माना है कि योजना को मंजूरी मिलने के बावजूद गांव को अब तक स्थायी पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सका है। 2015 में शुरू की गई योजना के तहत इसे जोड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन अब तक काम अधूरा ही है।
बढ़ते तापमान और सूखते जल स्रोतों के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में हालात और खराब न हों।
Author: JAN TV Editorial Team
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