मरुस्थल में स्थित यह अभयारण्य एक ऐसे ओएसिस की तरह काम करता है, जो तेज गर्मी में भी वन्यजीवों को जीवनदायी जल उपलब्ध कराता है।
अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद यहां के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं है, क्योंकि पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
चूरू के डीएफओ Bhavani Singh ने बताया कि सभी जल स्रोतों और तालाबों को समय पर भर दिया गया है, ताकि ब्लैकबक्स को किसी तरह की पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
वहीं, एसीएफ Kranti Singh के अनुसार, यहां 13 जलाशय हैं, जिनमें से 7 ऑटोमैटिक सिस्टम से जुड़े हुए हैं। गर्मियों में सरकार की ओर से अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराया जाता है ताकि जल संकट न हो।
अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की भी बड़ी संख्या पाई जाती है, जिससे यह जगह पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।
अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों की चुनौती को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह तैयार है और वन्यजीवों की सुरक्षा और जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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