पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद यह कार्रवाई और तेज हो गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि बातचीत रुकने पर ईरान को “कीमत चुकानी पड़ेगी।” इसके बाद कई ईरानी शहरों में अमेरिकी हवाई हमलों की खबरें सामने आईं।
इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमले तेज हो गए। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों में मिसाइल सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय के पास भी अलर्ट जारी किया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हवाई हमला ईरान की “अकारण और लगातार जारी आक्रामकता” के जवाब में किया गया। हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमता, संचार प्रणाली और एयर डिफेंस ठिकानों को निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि तेहरान, बंदर अब्बास और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के क्षेत्रों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव पहले से ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ बनाए रखेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर और दबाव बढ़ने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और आगे किसी बड़े टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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