मुंबई में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अब प्रशासन का फोकस नासिक जिले पर है। भारी बारिश का असर पहले ही सिंहस्थ परिक्रमा मार्ग पर दिखाई दे चुका है, जहां हाल ही में बनी एक पुलिया तेज बहाव में बह गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मार्ग को बंद कर वैकल्पिक रास्ते से यातायात शुरू कराया है।
प्रशासन के अनुसार, पुलिया बहने की घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और लोगों को जोखिम वाले इलाकों में जाने से रोका जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नासिक जिले के कई स्कूल, कॉलेज और प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी अस्थायी रूप से बंद रखा गया है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर के बंद होने से श्रद्धालुओं को असुविधा हुई है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के बाद यह पहला मौका है जब भारी बारिश की आशंका के चलते मंदिर को कुछ समय के लिए बंद किया गया है। हालांकि कई निवासियों का मानना है कि क्षेत्र में इससे भी अधिक बारिश पहले हो चुकी है और वे ऐसी परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं। इसके बावजूद वे प्रशासन की सलाह का पालन करने की बात कह रहे हैं।
जिला प्रशासन ने मंगलवार को त्र्यंबकेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 300 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई है। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदियों और नालों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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