डॉक्टरों ने जांच के बाद कहा कि इमरान खान को अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं है और वह जेल में ही सुरक्षित रह सकते हैं। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच वापस अडियाला जेल ले जाया गया और उनकी सेल में भेज दिया गया।
इमरान खान को गुरुवार देर रात रावलपिंडी की अडियाला जेल से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। उनके अस्पताल पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
अस्पताल में सुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बरती गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल की कई लाइटें बंद कर दी गईं, स्टाफ के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए और बाहर मौजूद मीडिया को भी हटा दिया गया।
मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य को लेकर जताई गई चिंता
कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, दिल की धड़कन तेज होने और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आईं।
रिपोर्ट में बताया गया कि हालिया जांच में इमरान खान का ब्लड प्रेशर 140/80 दर्ज किया गया, जबकि उनकी नब्ज 54 प्रति मिनट थी। इससे पहले फरवरी में उनका ब्लड प्रेशर 120/80 था, जिसे सामान्य माना जाता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनेगा मेडिकल बोर्ड
इमरान खान की स्वास्थ्य जांच के लिए पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। इस बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल करने को कहा गया है।
मेडिकल बोर्ड इमरान खान की पुरानी रिपोर्टों की समीक्षा करेगा और यह पता लगाएगा कि उन्हें किस तरह की स्वास्थ्य समस्या है, ब्लड क्लॉट की वजह क्या है और भविष्य में किसी गंभीर खतरे की संभावना है या नहीं।
इसके बाद बोर्ड यह सुझाव देगा कि इमरान का इलाज जेल में संभव है या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है।
अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा के बाद गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज किए गए। हालांकि, कुछ मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल चुकी है, लेकिन अन्य मामलों के चलते वह अभी भी जेल में बंद हैं।
PTI ने लगाए राजनीतिक बदले के आरोप
इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का आरोप है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक कारणों से मामले दर्ज किए गए।
PTI का कहना है कि उन्हें राजनीति और चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती रही हैं और कहती हैं कि सभी मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।
इलाज को लेकर सरकार और इमरान समर्थकों में विवाद
पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दोबारा रिव्यू पिटीशन दाखिल कर इमरान खान को प्राइवेट अस्पताल भेजने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है।
इससे पहले भी सरकार ने इसी मुद्दे पर याचिका दायर की थी, जिसे दस्तावेजों की कमी के कारण रजिस्ट्रार ऑफिस ने लौटा दिया था।
वहीं, इमरान खान के वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने आरोप लगाया कि उन्हें अडियाला जेल में इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना है कि उन्हें अवमानना याचिका और पावर ऑफ अटॉर्नी पर हस्ताक्षर कराने थे।
वकील ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।
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