मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के करीब 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया गया है।
राहत किट में करीब 50 किलो तक जरूरी सामान
सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत किट में रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल किया गया है। किट में आटा, चावल, अरहर की दाल, चना, चीनी, बिस्कुट, तेल, नमक और आलू के साथ माचिस, मोमबत्ती, साबुन, तिरपाल, तौलिया, टॉर्च और छतरी जैसी वस्तुएं भी दी जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल किट में ORS और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए क्लोरीन की गोलियों की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष जरूरतों को देखते हुए उनकी पहचान की जा रही है और उनके लिए अलग से राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
सांप और कुत्ते के काटने की दवाएं उपलब्ध
बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और दूसरे विषैले जीवों के काटने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पशुओं के टीकाकरण, दवाओं और आवश्यक चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ और आकाशीय बिजली से मौत पर 5 लाख की सहायता
योगी ने बताया कि किसान, बटाईदार किसान या उनके परिवार के किसी सदस्य की बाढ़ अथवा आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
सर्पदंश से मौत होने पर चार लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। जंगली जानवरों के हमले और कुछ अन्य आपदा संबंधी घटनाओं में प्रभावित परिवारों को भी राहत दी जाती है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ में मकान या झोपड़ी नष्ट होने पर प्रभावित परिवार को नया घर बनाने के लिए जमीन का पट्टा और पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है।
घाघरा की ड्रेजिंग से स्थायी समाधान की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बलिया में बाढ़ और नदी कटान की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि घाघरा नदी के कुछ हिस्सों को ड्रेजिंग के जरिए चैनलाइज करने की आवश्यकता है।
उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट का इस्तेमाल तटबंधों को मजबूत करने में किया जाए। जरूरत वाले स्थानों पर बोल्डर से ठोकर बनाकर नदी के कटान को रोकने की दिशा में भी काम किया जाए।
योगी ने कहा कि सरकार केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर भी काम कर रही है।
‘पहले 36 से 40 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बारिश के मौसम में प्रदेश के 36 से 40 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनती थी, जबकि इस बार करीब 26 जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार जन-धन की क्षति न्यूनतम रही है और जनहानि लगभग न के बराबर हुई है।
उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के साथ सरकार का लक्ष्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना है।
योगी ने सपा पर साधा निशाना
बलिया में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में गरीबों तक मिलने वाली राहत में भी गड़बड़ी होती थी।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार बाढ़ पीड़ित परिवारों तक पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचा रही है और हर प्रभावित व्यक्ति को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर भी सपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन पिछली सरकार में इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए गए और इसके बावजूद परियोजना अधूरी रही। योगी ने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल निजी हितों के लिए करने की कोशिश की गई।
बलिया में बनेगा बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास से जुड़ी कई योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार ने धनराशि मंजूर कर दी है।
इसके साथ ही बाबा भृगु धाम कॉरिडोर के निर्माण का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि बलिया की ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक विरासत को देखते हुए विकास के साथ-साथ विरासत संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने सिताब दियारा को जयप्रकाश नारायण की कर्मभूमि बताते हुए वहां जल्द दोबारा कार्यक्रम करने की इच्छा भी जताई।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा सुविधा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को तीन दिन तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई।
योगी के मुताबिक, अगले दिन से 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वे प्रदेश में कहीं भी यात्रा कर सकेंगी।
‘बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं’
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
योगी ने दावा किया कि पहले प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था, लेकिन उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालु, दयाशंकर सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद, राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर, विधायक केतकी सिंह, विधायक हंसूराम, विधान परिषद सदस्य रवि शंकर उर्फ पप्पू सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्र और राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।