पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी गई।
अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद 9 हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।
पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ही करेगी।
आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। कार्रवाई के दौरान जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल करने का भी फैसला लिया गया है।
महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा। इन फैसलों के बाद अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
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