बरेली की छह इकाइयां एक जिला-एक उत्पाद के तहत जरी-जरदोजी और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के साथ कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स अपनी कारीगरी लेकर पहुंचेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।
बरेली के छोटे और मझोले उद्योग भी मेले में अपनी विविधता दिखाएंगे। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, नंदू शेफ के खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद, शील कलाकृति की रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स के आभूषण प्रदर्शित किए जाएंगे। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां लेकर पहुंचेगा, जबकि फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद प्रदर्शित करेगा। राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे।
नए निर्यातकों के लिए निर्धारित स्टॉल संख्या 14 में बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से बने उत्पाद प्रदर्शित करेगी, जबकि सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी।
नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में भी बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान, केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल तथा अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले प्रदर्शित करेगी। पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी, जबकि दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर की कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी प्रदर्शित करेगी।
व्यापार मेले में रुहेलखंड के पारंपरिक स्वाद को भी जगह मिलेगी। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की पैकेज्ड बर्फी के साथ मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे उपलब्ध होंगे। बदायूं के हब्बू हलवाई का पेड़ा, पीलीभीत के पवन स्वीट हाउस की खोया आधारित मिठाइयां और लौंज, शाहजहांपुर के लोंजे तथा बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला के स्थानीय व्यंजन भी मेले का हिस्सा होंगे।
यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रुहेलखंड की भागीदारी पारंपरिक कारीगरी से आगे बढ़कर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे क्षेत्रों तक फैली है। बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी के साथ आधुनिक उद्योगों के उत्पाद भी एक मंच पर प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने रुहेलखंड के पारंपरिक हुनर और स्थानीय उद्योगों की विविधता प्रस्तुत होगी।
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