कैसे करें मां सिदि्धदात्री की पूजा
मां सिदि्धदात्री की पूजा नवरात्रा के नवें दिन की जाती है। साधक को चाहिए कि नवरात्रा के नवें दिन वह स्नान कर नहा-धोकर शुद्ध मन से मां की प्रतिमा चित्र लकड़ी की चौकी पर स्थापित करें और पुष्पमाला अर्पण कर घी का दीपक जलाएं। इसके बाद मां के सामने एक स्वच्छ आसन पर बैठकर शांत मन से निम्न मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें:
सिद्धगन्धर्वयक्षाघैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिदि्धदा सिदि्धदायिनी।।
मां को भोग में धान का लावा अर्पित कर ब्राह्मण को दान देना चाहिए।
समस्त सुख प्राप्त होते हैं मां सिदि्धदात्री की पूजा से
नवरात्रों में देवी सिदि्धदात्री की आराधना करने से भक्तों की लौकिक-पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं। मां की कृपा से भक्त स्वयं ईश्वर के समान शक्तशाली होकर परमानंद में मगन हो जाता है। उसमें ब्राह्माण्ड पर विजय प्राप्त करने की सामथ्र्य आ जाती है और अंत में वह मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्त करता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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