दीपावली पर महालक्ष्मी संयोगों और खुशियों की बारात लेकर आ रही हैं। एक ओर जहां दीपावली पर 54 साल बाद गुरु और शनि का उच्च राशिगत होने का दुर्लभ योग बन रहा है, वहीं रूप चैदस भी 24 साल बाद सर्वार्थ सिद्ध योग, हस्त नक्षत्र और उच्च राशिगत बुध का शुभ संयोग लेकर आ रही है। ज्योतिषविदों के अनुसार हनुमानजी जन्मोत्सव और रूप चतुर्दशी के इस संयोग में पूजा-अर्चना सुख-समृद्धि दायक होगी। वहीं रूप चैदस पर सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में स्नान से रूप निखरेगा। सर्वार्थ सिद्ध योग, कन्या का चंद्रमा, उच्च का बुध और हस्त नक्षत्र का ऐसा योग इससे पहले 1990 में आया था... जो अब 27 साल बाद 2041 में बनेगा।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।