कब करें भगवान भैरव की उपासना
भगवान भैरव अपने की पूजा किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को की जाती है। प्राय: इनकी उपासना तांत्रिक विधि से श्मशान में ही की जाती है। इसके अतिरिक्त रविवार तथा बुधवार को भी भैरव की उपासना का दिन माना गया है।
कैसे करें भगवान भैरव की पूजा
भगवान भैरव की पूजा कृष्ण पक्ष की अष्टमी अथवा रविवार को शुरू की जा सकती है। इनकी पूजा के लिए भक्त को नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद वह भैरव जी की प्रतिमा को फूल, माला, दीपक आदि अर्पण करें। तत्पश्चात भैरव चालिसा का पाठ करें अथवा श्री बटुक भैरव अष्टोत्तर शत नामावली और श्री बटुक भैरव मूल मंत्र का जाप करें।
Digital Desk: Shiv Kishor
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