(India)
इस कदम का मकसद दोपहिया गाड़ियों में ब्रेकिंग के दौरान स्टेबिलिटी और सेफ्टी बढ़ाना है। ABS ऐसा प्रभावी टूल है, जो वाहन को रपटीली सड़कों पर स्लिप होने से रोकता है क्योंकि इसमें ब्रेक लगाने के दौरान स्टीरिंग को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। सरकार निकट भविष्य में ज्यादा बड़े दोपहिया वाहनों में ABS को लागू करने और धीरे-धीरे इसे मास-मार्केट कम्यूटर मॉडल्स में लाने का प्रस्ताव ला रही है। इस कॉम्प्लैक्स टेक्नॉलजी के बड़े पैमाने पर आने और पॉप्युलर होने पर इसे सभी दोपहिया वाहनों के लिए अनिवार्य करने की सरकार की योजना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया फीचर इन वाहनों को ज्यादा सेफ बनाएगा। इससे बाइक के स्किड करने की आशंका काफी कम हो जाएगी। यूरोप ने सभी नई बड़ी इंजन मोटरसाइकिलों के लिए ABS को 2016-17 से अनिवार्य कर दिया है। इसे देखते हुए भारत सरकार भी सेफ्टी पर काफी जोर दे रही है और इसी फॉर्मेट को लागू करना चाहती है। इंडिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाइक्स और स्कूटर बाजार है। इस मामले में चीन नंबर 1 है। इंडिया सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले मार्केट्स में भी है। पिछले साल इंडिया में करीब 1.7 करोड़ दोपहिया वाहन बनाए गए थे।
Digital Desk: Shiv Kishor
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