कश्मीरी पंडितों के घाटी में पुनर्वास पर यूट र्न लेते हुए जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने गुरुवार को कहा कि उनके लिए अलग से कॉलोनियां बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सईद ने जम्मू कश्मीर विधानसभा में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैंने केंद्रीय गृहमंत्री को बता दिया है कि कश्मीरी पंडित घाटी में अलग से नहीं रह सकते और उन्हें समाज में साथ रहना होगा। उधर, राजनाथ सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि इन बातों को ध्यान रखते हुए केंद्र सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है। इसके साथ कश्मीरी पंडितों की राज्य में वापसी के सवाल पर केंद्र और सत्तारूढ़ पीडीपी में तनातनी फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय कश्मीरियों को घाटी में जल्द से जल्द बसाने के पक्ष में है, जबकि पीडीपी का कहना है, उन्हें अलग से बसाना उचित नहीं होगा, वे मिली-जुली आबादी का हिस्सा हों।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।