पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भूमि विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का अभियान जारी रहेगा क्योंकि यह ‘किसान विरोधी’ है। उन्होंने कहा, सभी दलों की सहमति से पारित भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के किसान समर्थक प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है।रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दावे को पूरी तरह से बकवास बताया कि 2013 के कानून के तहत अस्पतालों, स्कूलों और सड़कों आदि के लिए जमीन का अधिग्रहण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा परियोजनाओं सहित सरकार के लिए जमीन अधिग्रहित करने पर कोई रोक नहीं थी।रमेश ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा कि हम बिना सर्वदलीय बैठक बुलाए मोदी सरकार द्वारा अध्यादेश के जरिए 2013 के भूमि कानून में किए गए संशोधनों के खिलाफ हैं, जबकि तथ्य यह है कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, मौजूदा परिदृश्य में, विधेयक का राज्यसभा में पारित होना कठिन है क्योंकि सपा, बसपा, जेडीयू, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और यहां तक कि एनडीए की सहयोगी शिवसेना व अकाली दल भी इसके विरोध में हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच कारणों से इन संशोधनों का विरोध कर रही है।
Digital Desk: Kamal
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