बिहार में सुशासन और अपराध मुक्त की बात कहने वाले सियासी दलों के दावे की हवा निकल गई है। आज होने वाले बिहार विधान परिषद चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों की संपत्ति और बैकग्राउंड को लेकर चैंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस चुनाव में 24 सीटों पर कुल 170 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से 44 फीसदी यानी 74 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, 45 फीसदी यानी 77 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनकी जानकारी उम्मीदवारों ने खुद अपने हलफनामे में दी है। यह स्टडी बिहार इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने मिलकर किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 74 प्रत्याशी के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं, जिनमें 41 के खिलाफ तो बेहद आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मर्डर, हत्या की कोशिश, अपहरण, डकैती और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे मामले शामिल हैं। सुशासन और अपराध मुक्त शासन का दावा करने वाले सभी राजनीतिक दल के प्रत्याशी इनमें शामिल हैं। भाजपा के 18 में से 10 के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज है तो जदयू के 10 में 6 उम्मीदवार इसमें शामिल हैं.लालू प्रसाद यादव की राजद भी ज्यादा पीछे नहीं है. राजद के 10 में से पांच के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज है. वहीं, 104 निर्दलीय प्रत्याशियों में से 32 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले कई पुलिस थाने में दर्ज है.
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