जदयू से अलग हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी वैसे तो भाजपा के साथ मिलकर इस बार बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट का खुलासा नहीं करने के भाजपा के फैसले पर उन्होंने आपत्ति दर्ज करा दी है। मांझी ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है, जब जातिगत जनगणना के लिए आयोग बना, सर्वे हुआ तो इसे गुप्त रखने की क्या जरूरत। इसको सामने लाना चाहिये। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस मसले को उठाते हुए कहा कि जब सर्वे कराया गया है तो इसकी रिपोर्ट सामने रखने में किस तरह की दिक्कत हो सकती है।
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