प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में बगैर किसी का नाम लिए जिस बुलंदी के साथ महागठबंधन नेताओं पर हमला बोला, उसकी गूंज शेष चुनाव अभियान में भी सुनाई देती रहेगी। भारत माता के जयकारों से शुरू उनका करीब एक घंटे का संबोधन उन्हीं जयकारों के साथ पूरा हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने बिहार के पिछड़ेपन के लिए लालू-नीतीश सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए पिछले 25 सालों के शासन का हिसाब मांगा, वहीं विशेष पैकेज, कुशासन, भ्रष्टाचार, जातिवाद और कांग्रेस के साथ गठबंधन जैसे सवालों पर भी महागठबंधन नेताओं को कठघरे में खड़ा किया। मोदी यहीं नहीं थमे। उन्होंने लालू-नीतीश पर लोहिया, जेपी और कर्पूरी ठाकुर के सिद्धांतों को तिलांजलि देकर सत्ता की खातिर कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का भी आरोप जड़ा। रैली में युवाओं की भारी भागीदारी से गदगद प्रधानमंत्री ने शिक्षा, रोजगार तथा बिहार की बुद्धिमत्ता जैसे भावनात्मक मुद्दों का भी स्पर्श किया।
Digital Desk: Kamal
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