बीजेपी से निष्कासित सांसद राम जेठमलानी ने आरक्षण नीति पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की राय पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि इसे बिहार विधानसभा चुनाव में अगड़ी जातियों के मतदाताओं को चुनावी रिश्वत देने के तौर पर लिया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भागवत यह सोचते हैं कि सरकार आरक्षण नीति की समीक्षा करने के लिए संवैधानिक संशोधन लाने की स्थिति में है या फिर बाद में इसे एक ष्जुमलाष् कहकर खारिज कर दिया जाएगा। भागवत के बयान को बेवक्त वाला करार देते हुए जेठमलानी ने इस बात पर हैरानी जताई कि भागवत ने कैसे उम्मीद कर ली कि संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाएगा जब एक आम विधेयक संसद में पारित नहीं हो पा रहा है।
Digital Desk: Kamal
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