डीडीसीए में भ्रष्टाचार को लेकर वित्त मंत्री अरूण जेटली के खिलाफ मुखर होने पर भाजपा से निलंबित किए गए कीर्ति आजाद ने गुरुवार एक बार फिर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनको नहीं मालूम की उनका अपराध क्या है। वह जानना चाहते हैं कि उनसे क्या गलती हुई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के बारे में बात करना अपराध है क्या? उन्होंने कहा कि अगर सच बोलना अपराध है तो ऐसा अपराध वह बार-बार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनको पार्टी से नोटिस मिला है और वह उसका जवाब देंगे। उन्होंने बताया कि नोटिस का जवाब देने में सुब्रमण्यम स्वामी उनकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि भाजपा का मार्गदर्शक मंडल इस मामले में दखल दे। वह आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी समेत मार्गदर्शक मंडल के नेताओं से मिलेंगे। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा कि हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर जेटली जी का नाम कभी भी नहीं लिया, उन्होंने केवल डीडीसीए में व्याप्त भ्रष्टाचार को सामने लाने की कोशिश की है। और उनका प्रयास पिछले 9 साल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि बुधवार को डीडीसीए से कुछ बक्से बाहर निकाले गए। वहां से सबूत हटाए जा रहे हैं।
Digital Desk: Kamal
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