उत्तराखंड में कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता शक्ति परीक्षण के पहले समाप्त की जा रही है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष इस आशय का फैसला ले चुके हैं। उधर विधानसभा सूत्रों के उलट संसदीय कार्य और वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश का कहना है कि विधायकों की सदस्यता समाप्त नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार रात करीब नौ बजे विधानसभा पहुंचकर नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने का फैसला ले लिया है। इस फैसले को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वहीं इन विधायकों के आवासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शनिवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों पर लगे दल बदल कानून के उल्लंघन के आरोपों पर सुनवाई पूरी की थी। माना जा रहा है कि इस फैसले से उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार को राहत मिल सकती है। 18 मार्च को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान घटनाक्रम के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांगे्रस के नौ विधायकों को दल बदल कानून के तहत नोटिस जारी किए थे। इन विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए शनिवार शाम तक का समय दिया था। विधानसभा में सुनवाई के अंतिम दिन अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल सुबह दस बजे ही पहुंच गए थे।
Digital Desk: Kamal
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