नौसेना के अनुसार लंबी दूरी की इस मिसाइल का परीक्षण नौसेना के युद्धपोत तेग से बंगाल की खाड़ी में किया गया। इसके लिए जमीन पर एक लक्ष्य निर्धारित किया गया था। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार परीक्षण सफल रहा और इसके वांछित परिणाम मिले हैं।
पहले यह मिसाइल 290 किमी तक मारकर सकती थी लेकिन अब यह 450 किमी तक मारकर सकती है। इस परीक्षण के साथ ही भारत अमेरिका चीन रूस और ब्रिटेन जैसे उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनके पास ऐसी क्षमता वाली मिसाइल है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित की है और इसका पोत रोधी संस्करण पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जा चुका है। यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है
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