मध्यप्रदेश ने कर्नाटक के शहर मैसूर को पिछाड़कर यह रैंक हासिल की है। मैसूर 2014 और 2016 में स्वच्छता के मामले में पहले स्थान पर था लेकिन इस साल के सर्वे में मैसूर पांचवें नंबर पर आ गया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि तीसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम और चौथे नंबर पर गुजरात का सूरत है।
शहरी विकास मंत्रालय ने सर्वे के दौरान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट वेस्ट कलेक्शन शौचालयों के हालात सफाई को लेकर लोगों की क्या सुधार हुआ सफाई पर लोग कितना शिक्षित हुए इसको आधार बनाया गया। मंत्रालय की काउंसिल ने देश के 38 शहरों को सम्मानित करने की सिफारिश की थी। काउंसिल ने इन शहरों में जाकर सड़क से लेकर सार्वजनिक स्थानों, मार्केट, रेलवे लाइन, बस स्टैंड और सेक्टर कॉलोनियों का सर्वे कर सफाई की रिपोर्ट तैयार की थी। ये सर्वे इस साल जनवरी से फरवरी के बीच में किया गया था।
शहरों को 2000 अंकों के लिए सर्वे हुआ। इसमें निगम के अपने लेवल पर किए गए काम के लिए 900 में से अंक दिए गए। केंद्र की टीम का मूल्यांकन ने 500 में से अंक दिए गए और साफ-सफाई पर लोगों के फीडबैक पर 600 में से अंक दिए गए।
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