इंडियास्पेंड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अहं का टकराव और आकांक्षाओं की भिन्नता तलाक के कारणों में शुमार हैं। इंडियास्पेंड की साल 2014 की रिपोर्ट के अनुसार सर्वे के दौरान दस पुरुषों में से छह ने माना कि उन्होंने कभी न कभी अपनी पत्नी के खिलाफ हिंसा की। अगर महिलाओं के पास विकल्प हो तो और तलाक होंगे। भारत में महिलाएं प्राय यातनापूर्ण वैवाहिक जीवन व्यतीत करती हैं। इसके पीछे आर्थिक स्वतंत्रता का अभाव कानूनी अधिकारों का अल्प ज्ञान और पाविारिक दबाव समेत कई कारण हैं।
केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक जहां तलाक के सबसे अधिक मामले रिपोर्ट किए गए हैं। उन राज्यों में भारतीय औसत की तुलना में अधिक शिक्षित महिलाएं हैं इन राज्यों में श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी भी भारतीय औसत की तुलना में थोड़ी अधिक है।
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