उजमा ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका भी धन्यवाद करना चाहती हूं। उजमा ने कहा कि मैं पाकिस्तान से सही सलामत आकर खुश हूं। उन्होंने कहा कि बेटी के नसीब से बचकर पकिस्तान से आई हूं। मैं जब हाईकमिश्न के ऑफिस पहुंची तो मैंने विंडो पर बताया कि भारतीय हूं। मुझे एक मिनट में हाईकमिश्न में अंदर ले लिया गया और बाहर नहीं जाने दिया। इतना ही नहीं हर संभव मदद दी गई। उजमा ने बताया कि ताहिर ने मुझे हर तरीके से टॉर्चर किया। उन्होंने बताया कि जब मैंने अपनी दर्द भरी कहानी हाईकमिश्न ऑफिस में बताई तो मुझे हर संभव मदद दी गई। सुषमा स्वराज ने मुझे फोन करके कहा कि तुम हमारी देश की बेटी हो और हाई कमिश्न को कहा कि इसे ताहिर के पास मत जाने देना।
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