अयोध्या में विवादास्पद बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं। लखनऊ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपियों के खिलाफ सेक्शन 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किए। आरोपियों ने डिस्चार्ज ऐप्लिकेशन देकर अपने खिलाफ चार्ज खारिज करने की मांग की थी। उनका कहना है कि मस्जिद गिराए जाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी। इससे पहले, उन्हें इस मामले में अदालत से जमानत मिल गई। आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। आडवाणी और जोशी लखनऊ एयरपोर्ट से पहले वीवीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचे यहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे मुलाकात की। वहीं इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा है कि मैं खुद को अपराधी नहीं मानती हूं। उन्होंने कहा कि ये खुला आंदोलन था जैसा इमरजेंसी के खिलाफ हुआ था। इस आंदोलन में क्या साजिश थी मुझे पता नहीं अभी। वरिष्ठ हिन्दुत्ववादी नेता महंत राम विलास वेदान्ती ने कहा कि अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाने वालों में वह भी शामिल थे। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लालकष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी की इसमें कोई भूमिका नहीं है, वे निर्दोष हैं। अयोध्या के बाबरी मामले की सुनवाई के सिलसिले में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने आये वेदांती ने कहा, वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Digital Desk: Kamal
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