वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के तीन साल का लेखा-जोखा देते हुए कहा कि जनवरी से मार्च तक की तिमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रहने के पीछ कई वजह हैं। उनहोंने कहा कि ये नोटबंदी की वजह से नहीं हुआ। बल्कि इन तीन सालों के दौरान पूरी दुनिया में मंदी का माहौल था। इसके अलावा हमें विरासत में जो अर्थव्यवस्था मिली वो खराब थी। पिछल तीन सालों में मॉनसून भी खराब रहा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पहले फैसले लेने वाली सरकार नही थी। लेकिन अब फैसले लेने वाली सरकार आई है। जिससे पूरी दुनिया में भारत के प्रति भरोसा पैदा हुआ है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।