सेना प्रमुख ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी मॉडल एक बड़ा कदम है। यह सैन्य बलों के आधुनिकीकरण में मदद देगा। हमें टैंकों को हटाने पर धीरे-धीरे विचार करना होगा। आगामी सात से आठ वषोर्ं में हमारी कुछ पुरानी प्रणालियों को बदलना होगा। इस प्रक्रिया को अभी शुरू करना अच्छा होगा क्योंकि उत्पादन के लिए आपको वक्त चाहिए होता है नए मॉडल के तहत सरकार भारत की निजी क्षेत्र की कंपनियां को रक्षा क्षेत्र की प्रमुख विदेशी कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम में भारत में लड़ाकू विमान, हैलिकॉप्टर, पनडुब्बियां और प्रमुख लड़ाकू टैंकों के निमार्ण की इजाजत देगी। सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण कार्यक्रम तेजी से चल रहा है। यह रातोरात नहीं हो सकता, यह एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि तोपों का आधुनिकीकरण कार्यक्रम बहुत, बहुत अच्छा चल रहा है। बोफोर्स घोटाले के बाद से 30 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद सेना को पिछले ही महीने अमेरिका से दो हॉवित्जर तोपें मिली हैं। यह 145 लंबी दूरी तक प्रहार करने वाली तोपों की खरीद के ऑर्डर का हिस्सा है। जनरल रावत ने कहा कि सैन्य बलों का आधुनिकीकरण एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एसपी मॉडल से नौसेना और वायुसेना को उल्लेखनीय रूप से फायदा पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जो लगातार चलती रहनी चाहिए और हर समय होती रहनी चाहिए। सेना में हमेशा ऐसा कोई ना कोई उपकरण होता ही है जो प्रचलन से बाहर होने की स्थिति में होता है। सेना के लिए नई तकनीक की जरूरत के बारे में जनरल रावत ने कहा कि भविष्य की तकनीक आपको मिलती रहती हैं और भविष्य की तकनीकें फिर आज की तकनीक में बदल जाती हैं और फिर आज की तकनीक प्रचलन से बाहर होने लग जाती हैं। यह एक चक्र है। सरकार बहुप्रशिक्षित एसपी मॉडल पिछले हफ्ते ही लाई थी। इस मॉडल का उद्देश्य पनडुब्बियों, लड़ाकू विमानों और लड़ाकू टैंकों के उत्पादन की विश्व स्तरीय उत्पादन सुविधाएं भारत में ही उपलब्ध करवाना है। जनरल रावत से उनकी हाल की टिप्पणी के बारे में सवाल पूछा गया, जिनमें उन्होंने कहा था कि सैन्य बलों को संसाधनों का उनका वह हिस्सा नहीं मिल रहा जितने के वे हकदार हैं तो जनरल रावत ने कहा कि उनकी टिप्पणियों का आधार यह था कि रक्षा बजट उम्मीद से कम था। हालांकि उन्होंने कहा कि एसपी मॉडल इस कमी की भरपाई कर देगा।
जनरल रावत ने कहा कि सरकार एसपी मॉडल पर आगे बढ़ेगी। सैन्य खरीद के लिए सरकार से सरकार के बीच अनुबंध भी होंगे। इन कदमों का हमें लाभ मिलेगा। पिछले माह, सैन्य प्रमुख ने कहा था कि रक्षा पर खर्च को देश में कई लोग बोझ मानते हैं और सेना को वह हिस्सा नहीं मिल रहा जिसकी कि वह हकदार है।
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