बता दें कि 2016 में मट्टू ने अनंतनाग में दो पुलिसवालों को गोली मारी थी। उस पर 10 लाख का इनाम था। मट्टू लश्कर का कुलगाम जिले का कमांडर था। पिछले महीने सुरक्षा बलों ने 12 खूंखार आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें मट्टू का भी नाम था। मट्टू को आतंकियों की ए कैटेगरी में रखा गया था। वह कुलगाम के खुदवानी का रहने वाला था। उस पर 10 लाख का इनाम था।कुलगाम के आईजी मुनीर खान ने बताया कि उत्तर की तुलना में दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के होने की आशंका ज्यादा होती है। कुलगाम के ऑपरेशन में हमने आतंकियों की गोलीबारी का मजबूती से जवाब दिया। आतंकी डराने-धमकाने के लिए वीडियोज का सहारा ले रहे थे। लेकिन हमारे जवान उनसे निपटने की काबिलियत रखते हैं।जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के अचाबल क्षेत्र में आतंकियों ने शुक्रवार को पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया। आतंकियों ने सब इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद शवों से बर्बरता की। सभी के चेहरे क्षत-विक्षत कर दिए। वारदात के बाद आतंकी पुलिसकर्मियों के हथियार भी लेकर भाग गए। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने बताया कि हमले में थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर फिरोज, चार पुलिसकर्मी और चालक शहीद हुए हैं। सभी जीप से नियमित ड्यूटी से लौट रहे थे। फिरोज पुलवामा के निवासी थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पुलिस दल शुक्रवार शाम बिना बुलेट प्रुफ की गाड़ी में अनंतनाग से गश्त कर अचाबल थाने लौट रहा था। आगे कुलगाड गांव के पास अनंतनाग-अचाबल रोड पर घात लगाए आतंकियों ने फायरिंग कर इस गश्ती दल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आतंकियों ने चेहरों पर नजदीक से गोली मारकर सभी छह पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी और उनके हथियार लेकर फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा ने यहां से मात्र बीस किलोमीटर दूर अरवनी में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ का बदला लेने के लिए यह हमला किया है। इस मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू मारा गया था।
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