वित्त मंत्री अरण जेटली ने वित्त विधेयक 2017-18 के कर प्रस्तावों में संशोधनों के जरिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया था। इसके अलावा पैन को आधार के साथ जोड़ना भी अनिवार्य किया गया था, जिससे कई पैन कार्ड के इस्तेमाल के जरिये कर अपवंचना को रोका जा सके।
राजस्व विभाग ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति जिसके पास एक जुलाई, 2017 तक पैन नंबर है, उसे धारा 139एए की उपधारा के प्रावधानों के तहत अपने आधार नंबर की जानकारी आयकर विभाग के प्रधान महानिदेशक या डीजीआईटी को इसकी सूचना देनी होगी।
राजस्व विभाग ने आयकर कानून के नियम 114 को संशोधित करते हुए कहा कि ये नियम एक जुलाई 2017 से लागू होंगे। यह नियम पैन के आवंटन के आवेदन से संबंधित है। कुल 2़07 करोड़ करदाता अपने आधार को पहले ही पैन से जोड़ चुके हैं। देश में पैन कार्डधारकों की संख्या 25 करोड़ है जबकि 111 करोड़ लोगों को आधार संख्या दी जा चुकी है।
यह बात सामने आ रही है कि अगर एक जुलाई से पहले आधार नंबर को पैन कार्ड से लिंक नहीं किया गया तो पैन कार्ड अवैध हो जाएगा। आपको बता दें कि दरअसल 1 जुलाई से पैन कार्ड और आधार नंबर को लिंक करना जरूरी है। इसके बाद जिन पैन नंबर्स को आधार नंबर से लिंक नहीं किया गया होगा वो पैन कार्ड अपने आप से अवैध नहीं होंगे। केन्द्र सरकार एक तारीख की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद भी अगर पैन कार्ड को आधार नंबर से लिंक नहीं गया तब जाकर आपका पैन अवैध हो जाएगा। लेकिन सरकार ने अब तक इस तारीख की घोषणा नहीं की है।
सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉग इन कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आप इनकम टैक्स की ई फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं, इससे पहले आप अपनी जन्म तिथि, आधार कार्ड, और पैन नंबर को निकाल कर रख लें। रजिस्ट्रेशन करने के बाद इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लिंक आधार पर क्लिक कीजिए। इसके बाद एक विंडो खुलेगी। इसमें आप पैन नंबर और आधार नंबर से जुड़ी जानकारी डालें इसके बाद लिंक आधार पर बटन दबाएं।
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