पीएम मोदी इजरायल दौरा:आतंकवाद का मिलकर सामना करने का वादा, होगी कई मुद्दों पर चर्चा
(DELHI, DELHI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का आज दूसरा दिन है। इजराइल में प्रधानमंत्री आज अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन से भी मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से इजरायल की धरती पर उतरे हैं तबसे उनकी औऱ इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच की दोस्ती लगातार नए परवान चढ़ रही है। दोनों नेताओं ने कई बार एक-दूसरे को गले लगाया है। इसके अलावा वहां पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत करते हुए नेतन्याहू ने में कहा, 'आपका स्वागत है मेरे दोस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रात कहा कि जो लोग मानवता और सभ्यता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं उन्हें एकजुट होकर आगे आना चाहिए और इनका किसी भी कीमत पर बचाव करना चाहिए। उन्होंने दुनियाभर में महामारी की तरह फैली आतंकवाद, कटटरपंथ और हिंसा की बुराईयों का दढ़ संकल्प के साथ विरोध करने का आह्वान किया।

अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर जारी किए गए प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा कि येद वाशेम स्मारक, यह कई पीढि़यों पहले ढहाए गए कहर की याद दिलाता है।

येद वाशेम स्मारक संग्रहालय में पुष्पांजलि अपर्ति कर मोदी ने नाजी जर्मनी द्वारा मार दिए गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अपर्ति की और कहा कि यह स्मारक त्रासदी की गहराईयों से उपर उठने, नफरत को पराजित करने और एक उजार्वान लोकतात्रिक देश के निर्माण के लिए आगे बढ़ने के लिए आपकी अटूट इच्छाशक्ति के सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि येद वाशेम हमें बताता है कि जो लोग मानवीयता और सभ्यता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं उन्हें साथ आना चाहिए और इन्हें किसी भी कीमत पर बचाना चाहिए। इसके साथ ही हमारे समय में महामारी बन चुकी आतंकवाद, कटटरपंथ और हिंसा की बुराईयों का पक्का इरादा करके विरोध करना चाहिए।

नेतन्याहू ने कहा कि आतंकवाद की बुराई से निबटने के लिए दोनों देशों को मिलकर खड़ा होना होगा। भारत और इस्राइल को 'सिस्टर डेमोक्रसी' बताते हुए उन्होंने कहा कि 'हम साथ मिलकर महान काम कर सकते हैं'।

डिनर से पहले मोदी ने और नेतन्याहू ने एक साझा बयान दिया जिसमें नेतन्याहू ने मोदी की जमकर तारीफ की. भारतीयों की तारीफ में नेतन्याहू ने सबसे पहले मशहूर गणितज्ञ रामानुजन को याद किया।
उन्होंने कहा, ‘हमारे मन में भारत के लोगों के लिए बहुत श्रद्धा है. मेरे चाचा स्वर्गीय प्रोफेसर एलिशा नेतन्याहू इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में गणितज्ञ थे.

उन्होंने मुझे कई बार कहा था कि वो महान भारतीय गणितज्ञ रामानुजन का काफी सम्मान करते हैं। उनका कहना था कि रामानुजन 20वीं सदी के सबसे बड़े गणितज्ञ थे. इतना ही नहीं उनका कहना था कि रामानुजन पिछली कई सदियों के सबसे बड़े गणितज्ञ थे। ये भारत के लोगों की प्रतिभा का एक प्रतीक है।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच जो संबंध है वह हजारों वर्ष पुराने हैं जब यहूदी पहली बार भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर उतरे थे। तब से यहूदी, उनकी परंपराएं और रीति रिवाज भारत में फले-फूले और समद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें भारत के यहूदी बेटों और बेटियों पर गर्व हैं जैसे कि लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, वाइस एडमिरल बेंजामिन सेमसन, प्रसिद्ध वास्तुकार जोशुआ बेंजामिन और फिल्मी कलाकार जैसे नादिरा, सुलोचना और प्रमिला। इन लोगों के विविध योगदान ने भारतीय समाज के तानेबाने को और समद्ध किया है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी तथा नवाचार पर इसका फोकस इस्राइल के साथ अकादमिक, वैज्ञानिक तथा शोध और कारोबारी संपर्कों के विस्तार के लिए सकारात्मक संभावनाओं को बढ़ाता है।

नेतन्याहू द्वारा यहां प्रधानमंत्री आवास पर दिए गए रािाभोज से पहले मोदी ने एक वक्तव्य में कहा, हम अपनी शांति, स्थिरता और समद्धि के समक्ष पेश आने वाली साझा चुनौतियों से निबटने के लिए सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक स्पष्ट कार्य एजेंडा बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ हूं।

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