राजनाथ सिंह के आवास पर होने वाली इस सर्वदलीय बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री अरुण जेटली औ सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर सरकार का पक्ष विपक्ष दलों के सामने रखेंगी। जबकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर के ताज़ा हालात पर बात करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले सरकार चीन और कश्मीर मुद्दे से निपटने के बारे में आमसहमति बनाना चाहती है। बता दें कि हाल में भारत ने चिंता व्यक्त की है कि भारत-तिब्बत से सटे सिक्किम क्षेत्र में डोकाला में चीन यथास्थिति को बदलने का प्रयास कर रहा है। डोकाला में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को सड़क निर्माण करने से रोक दिया था। यह क्षेत्र भूटान-भारत-तिब्बत तिराहे पर आता है और चीन इसपर दावेदारी कर रहा है।
इस बैठक को संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाने को लेकर सरकार की कोशिश माना जा रहा है। सरकार जानती है कि विपक्ष कश्मीर और चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा इसीलिए पीएम मोदी ने राजनाथ और सुषमा के जरिए विपक्ष को भरोसे में लेने की कोशिश की है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुलावामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में पिछले साल 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही तनाव का माहौल है। सोमवार को अनंतनाग में ही में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों के बस पर हमला कर सात श्रद्धालुओं की हत्या कर दी थी।
चीन के कश्मीर में सकारात्मक भूमिका निभाने संबंधी बयान को भारत ने कोई तवज्जो नहीं दी है। चीन का प्रस्ताव ठुकराते हुए भारत ने कहा कि मामले के मूल में सीमा पार से भारत में फैलाया जा रहा आतंकवाद है। इससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है।
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