लोकसभा में मंत्री हरिभाई चौधरी ने कहा कि कई रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन में बने सामान की कीमत कम होती है। हरिभाई संसद में उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें कम कीमत होने का कारण पूछा गया था।
मंत्री ने आगे कहा कि सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उपक्रम के विकास के लिए कई वजहें जरूरी होती हैं। इसमें क्रेडिट, तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर, बाजार तक पहुंच और उत्पादों की गुणवत्ता का होना अहम है। चौधरी ने बताया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा सहित आंतरिक और बाहरी स्रोतों से प्रतिस्पर्धा भी विकास के लिए आवश्यक है।
भारत में कई चीनी कंपनियां एक्टिव हैं और अपने सामान भारतीय बाजार में बेच रही हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टीवी, इंटरनेट, मॉडम से लेकर लगभग सभी सामान भारत के बाजार में चीन बेच रहा है। चीन की कंपनियां भारत में तकरीबन हर साल 4 लाख करोड़ रुपये का कारोबार करती हैं।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।