गुजरात राज्‍यसभा चुनाव में इस्‍तेमाल होगा नोटा, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार
(GUJARAT, India) उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के राज्य सभा चुनावों में नोटा का प्रावधान करने संबंधी निर्वाचन आयोग की अधिसूचना पर रोक लगाने से आज इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानिवलकर की पीठ हालांकि इस चुनाव में नोटा का विकल्प प्रदान करने की निर्वाचन आयोग की एक अगस्त की अधिसूचना की संवैधानिक वैधता पर विचार के लिये सहमत हो गयी। गुजरात कांग्रेस के मुख्य सचेतक शैलेश मनुभाई परमार की ओर से जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और हरीन रावल ने निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अमल पर अंतिरम रोक लगाने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाये। हम इसकी विवेचना करेंगे। हम कार्यवाही पर रोक नहीं लगा रहे हैं।’’
शीर्ष अदालत के एक फैसले के बाद से निर्वाचन आयोग चुनावों में नोटा का प्रावधान मतदाताओं को उपलब्ध करा रहा है। न्यायालय ने आयोग से कहा था कि चुनाव में नोटा का विकल्प उपलब्ध कराने पर विचार किया जाये। न्यायालय सिब्बल की इस दलील से सहमत नहीं था कि नोटा का प्रावधान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। इस समय गुजरात में राज्यसभा से तीन स्थान रिक्त हैं और चुनाव मैदान में कांग्रेस के कद्दावर नेता अहमद पटेल सहित चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। नोटा के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका में विधानसभा सचिव द्वारा एक अगस्त को जारी परिपत्र निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।इस परिपत्र में कहा गया है कि राज्य सभा के चुनाव में नोटा का प्रावधान भी उपलब्ध रहेगा।

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