मोदी सरकार का तोहफा
(DELHI, DELHI) सरकार ने लोगों को किफायती दर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घुटना बदलवाने के दौरान लगाए जाने वाले उपकरणों की अधिकतम कीमत बुधवार से नियंत्रित कर दी है जिससे इस ऑपरेशन पर खर्च की जाने वाली कुल राशि में भारी कमी आएगी तथा इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि नेशनल फार्मा प्राइसिंग आथरिटी (एनपीपीए) ने घुटना बदलवाने के दौरान मरीजों से की जाने वाली ‘लूट’ को रोकने के लिए इसके विभिन्न आॅपरेशन में लगाए जाने वाले उपकरणों का मूल्य नियंत्रित कर दिया है।
सरकार ने उपकरणों की अधिकतम कीमत तय की, खर्च में आएगी कमी दामों में 65 प्रतिशत की कमी
देश में घुटना बदलवाने के लिए 80 प्रतिशत लोग कोबाल्ट क्रोमियम आपरेशन कराते हैं। अभी तक इस आपरेशन में लगाए जाने वाले उपकरण का अधिकतम औसत मूल्य एक लाख 58 हजार रुपए से ढाई लाख रुपए तक था लेकिन अब इसका अधिकतम मूल्य 54720 रुपए तय किया गया है। इस कीमत पर वस्तु एवं सेवा कर अलग से होगा। इस तरह इसके औसत मूल्य में 65 प्रतिशत की कमी आएगी।
घुटना बदलवाने के लिए पांच प्रकार के ऑपरेशन कराए जाते हैं। टाइटेनियम एंड ऑक्सीडाइज्ड जीरकोनियम ऑपरेशन में लगने वाले उपकरण का मूल्य ढाई लाख से साढेÞ चार लाख रुपए तक लिया जाता था लेकिन अब इसका अधिकतम मूल्य 76600 रुपए तय किया गया है।
कुमार ने कहा कि कुछ लोगों को घुटना बदलवाने के बाद दूसरा ऑपरेशन भी कराना पडता है। रिवीजन इम्प्लांट ऑपरेशन पहली बार घुटना बदलवाने के दस वर्ष या उसके बाद होता है। इस आपरेशन में लगाये जाने वाले उपकरण का अधिकतम मूल्य दो लाख 75 हजार रुपए से साढ़े छह लाख रुपए तक लिया जाता था लेकिन अब इसका मूल्य एक लाख तेरह हजार 950 रुपए कर दिया गया है।

Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।