वायरल क्या हुआ
वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 2016-17 में 377.21 करोड़ खर्च कर डाले, जो राष्ट्रपति के 66 करोड़ खर्च की तुलना में 6 गुना ज्यादा है। हामिद अंसारी को लेकर हुए इस खुलासे से पूरा देश हिल गया है। ऐसी लूट देखकर पीएम मोदी भी सन्न हैं।
- इसी से जुड़े एक अन्य मैसेज में कहा जा रहा है कि न आलीशान भवन, न सुरक्षा कवच, फिर भी राष्ट्रपति से 6 गुना ज्यादा उपराष्ट्रपति का बजट कैसे? कहीं यही घोटाला छुपाने के लिए तो हामिद अंसारी ने मुसलमानों को डराने वाला बयान तो नहीं दिया है?
हमारी इन्वेस्टिगेशन में सामने आई ये सच्चाई
- वायरल मैसेज में दावा फाइनेंस मिनिस्ट्री और यूनियन बजट के हवाले से किया जा रहा है। इसलिए हमने सबसे पहले मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी सर्च करना शुरू किया। हमें 2017-18 के यूनियन बजट में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के खर्चे से जुड़ी जानकारी मिली।
- 2017-18 के इस बजट में अलग-अलग मंत्रालय और विभागों के खर्चों और बजट को लेकर एक लिस्ट दी गई थी। इस लिस्ट के हेड नंबर 74 से 78 में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के खर्चों और बजट की जानकारी दी गई थी।
- बजट में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2016-17 में राष्ट्रपति के स्टाफ, घर और भत्तों के खर्च का कुल बजट 56 करोड़ था। वहीं, उपराष्ट्रपति के मामले में ये बजट 5 करोड़ था। यानी राष्ट्रपति के बजट की तुलना में उपराष्ट्रपति से जुड़ा ये खर्च करीब 10 गुना कम था।
(बजट में राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति के खर्च के बारे में दी गई लिस्ट को देखने के लिए क्लिक करें)
- वायरल मैसेज में जिस 377 करोड़ रुपए को उपराष्ट्रपति द्वारा खर्च किए जाने की बात हो रही है, बजट के मुताबिक वो खर्चा उपराष्ट्रपति की जगह पूरे राज्यसभा का खर्चा है। यानी इस 377 करोड़ में राज्यसभा सांसदों की सैलरी, राज्यसभा में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी, डिप्टी चेयरमैन की सैलरी और बतौर राज्यसभा चेयरमैन उपराष्ट्रपति की सैलरी सहित कई अन्य तरह के खर्चे भी शामिल हैं।
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