जस्टिर आरके अग्रवाल और एएम सापरे की बेंच ने उनकी जमानत याचिका पर फैसला दिया जिसे पिछले हफ्ते कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था। पिछले हफ्ते हुई सुनवाई में उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि लेफ्निटें कर्नल पुरोहित पिछले नौ वर्षों से जेल में बंद हैं लेकिन उन पर अभी तक आरोप तय ही नहीं हो पाए हैं। साल्वे ने यह भी कहा कि लेफ्निेंट कर्नल पुरोहित के खिलाफ मकोका के तहत जो भी आरोप लगे थे उन्हें भी हटा लिया गया और इसलिए ही वह अंतरित जमानत के हकदार बने। मकोका कोर्ट ने कहा था एटीएस ने इस कानून को पुरोहित और 10 लोगों के खिलाफ गलत तरीके से प्रयोग किया था।
2008 मालेगांव धमाका: कौन हैं लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और क्या है मालेगांव ब्लास्ट
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