आधिकारिक अनुमानों के अनुसार एक करोड़ गरीब जनता इस बाढ़ से ग्रसित हो गई है। उन्हें न तो खाने के लिए कोई पैकेट मिल रहे हैं और न पीने के लिए पानी। लोग घरों से निकलकर उंची सड़कों पर बस गए हैं और आकाश की ओर देखते हुए हेलीकॉप्टरों का इंतजार करते हैं जो या तो उन्हें बाढ़ ग्रसित क्षेत्र से बाहर निकाले या पर्याप्त भोजन सामग्री व पानी दे। पीने के पानी के अभाव में लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। भोजन सामग्री के जो पैकेट हेलीकॉप्टरों से गिराए जा रहे हैं वे बाढ़ ग्रसित लोगों के पास नहीं पहुंचकर पानी में बह जाते हैं।
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